3 अक्टूबर को हैदराबाद में आयोजित समारोह में मिलेगा सम्मान, प्रत्येक को एक लाख रुपए की सम्मान राशि
हैदराबाद। शिक्षा जगत और समाज जीवन में प्रेरणादायी एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्रेष्ठ शिक्षाविदों को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित ‘शिक्षा भूषण–अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान’ इस वर्ष श्री डी. रामकृष्ण राव, प्रो. बी. महादेवन एवं प्रो. एम. जगदीश कुमार को प्रदान किया जाएगा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं शैक्षिक फाउंडेशन ने तीनों शिक्षाविदों के चयन की घोषणा की है। सम्मान समारोह 3 अक्टूबर को हैदराबाद में आयोजित होगा।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं शैक्षिक फाउंडेशन की ओर से शिक्षा और समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षाविदों को सम्मानित करने की परंपरा वर्ष 2015 में शुरू हुई थी। प्रत्येक वर्ष तीन ऐसे शिक्षाविदों का चयन किया जाता है, जिन्होंने भारतीय गुरु-परंपरा की गरिमा और आदर्शों के अनुरूप शिक्षा एवं समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया हो।
सम्मान के तहत चयनित शिक्षाविदों को प्रशस्तिपत्र, रजत चिन्ह तथा एक लाख रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती है। यह सम्मान शिक्षकों द्वारा गठित अक्षय कोष से वित्तपोषित किया जाता है। इसके लिए किसी प्रकार के आवेदन आमंत्रित नहीं किए जाते, बल्कि देशभर में ऐसे शिक्षाविदों की खोज की जाती है, जिन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
डी. रामकृष्ण राव
आंध्र प्रदेश में जन्मे श्री डी. रामकृष्ण राव ने प्रधानाचार्य, निदेशक, प्रोफेसर सहित विभिन्न राष्ट्रीय शैक्षिक दायित्वों का निर्वहन किया है। वे विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम विकास, शैक्षिक सामग्री निर्माण, शिक्षक-शिक्षा तथा जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के लिए उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, नैतिक शिक्षा, योग एवं शारीरिक शिक्षा सहित विभिन्न विषयों पर उनके करीब 59 शोध-पत्र प्रकाशित हुए हैं।
प्रो. बी. महादेवन
तमिलनाडु में जन्मे प्रो. बी. महादेवन प्रबंधन शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा और भारतीय दार्शनिक चिंतन के क्षेत्र में योगदान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने आईआईएम बैंगलोर सहित प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रोफेसर, डीन और संस्थापक कुलपति जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाले हैं। भारतीय ज्ञान प्रणाली, वेद, भगवद्गीता, भारतीय दार्शनिक चिंतन तथा आधुनिक प्रबंधन शिक्षा के समन्वय पर उन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके प्रमुख प्रकाशनों में भारतीय ज्ञान प्रणाली का परिचय, ऑपरेशंस मैनेजमेंट : थ्योरी एंड प्रैक्टिस तथा द न्यू मैन्युफैक्चरिंग आर्किटेक्चर शामिल हैं।
प्रो. एम. जगदीश कुमार
तेलंगाना में जन्मे प्रो. एम. जगदीश कुमार प्रख्यात वैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं उच्च शिक्षा प्रशासक हैं। उन्होंने आईआईटी मद्रास से विद्युत अभियांत्रिकी में उच्च शिक्षा तथा कनाडा के वाटरलू विश्वविद्यालय से पोस्ट-डॉक्टोरल शोध किया। इसके बाद आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। नैनोविज्ञान, नैनोप्रौद्योगिकी सहित विविध क्षेत्रों में उनके करीब 250 शोध-पत्र प्रकाशित हुए हैं। उन्हें पद्मश्री सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
शिक्षा भूषण सम्मान से सम्मानित होंगे तीन दिग्गज शिक्षाविद
