सरपंच की कुर्सी किस वर्ग के नाम… कल खुलेगी किस्मत की चाबी

आरक्षण लॉटरी से पहले दावेदारों की धड़कनें तेज; मंदिरों में मन्नतें, चौपालों-होटलों में चुनावी गणित, पर्ची निकलते ही बदलेंगे कई समीकरण

केकड़ी, 23 सितंबर ग्राम पंचायत मेवदाकला में अगले पांच साल पंचायत की कमान किस वर्ग के हाथों में होगी, इसका फैसला आरक्षण लॉटरी से होगा। सरपंच पद के आरक्षण के साथ वार्ड पंचों के पदों का आरक्षण भी तय किया जाएगा। ऐसे में लंबे समय से आरक्षण की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे संभावित दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं। लॉटरी का परिणाम सामने आते ही कई दावेदारों की चुनावी रणनीति बदलना तय माना जा रहा है।

सरपंच की सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी, इसको लेकर गांव में सबसे ज्यादा चर्चा है। संभावित दावेदार अपने-अपने स्तर पर आरक्षण के अनुमान लगाकर चुनावी गणित बैठा रहे हैं। कोई मंदिरों में धोक देकर मन्नत मांग रहा है तो कहीं चौपालों, चाय की दुकानों और होटलों पर बैठकों का दौर चल रहा है। जातीय समीकरण से लेकर संभावित प्रत्याशियों और समर्थकों की संख्या तक पर चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि अभी तक ये सभी समीकरण कयासों तक सीमित हैं। आरक्षण की पर्ची निकलने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

सरपंच पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, उसी के अनुरूप दावेदारों की सक्रियता बढ़ेगी। आरक्षण अपने पक्ष में आने की उम्मीद लगाए बैठे कई संभावित प्रत्याशी पहले से ही गांव में संपर्क साध रहे हैं। वहीं आरक्षण दूसरी श्रेणी में जाने पर कई दावेदारों को सरपंच की दौड़ से बाहर होकर वार्ड पंच या अन्य विकल्पों पर रणनीति बनानी पड़ सकती है। यही वजह है कि लॉटरी को लेकर गांव में खासा उत्साह और उत्सुकता बनी हुई है।सरपंच पद के साथ वार्ड पंचों के आरक्षण की तस्वीर भी सामने आएगी। किस वार्ड में सामान्य, महिला, ओबीसी, एससी अथवा अन्य आरक्षित श्रेणी का निर्धारण होता है, इस पर भी कई संभावित उम्मीदवारों की नजर है। वार्डवार आरक्षण सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर दावेदारों के समीकरण और समर्थकों की लामबंदी का नया दौर शुरू होने की संभावना है।लॉटरी से पहले मेवदाकला में चुनावी चर्चाएं तेज हैं। गांव की चौपालों से लेकर चाय की दुकानों और होटलों तक आरक्षण को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। संभावित दावेदार भी अपने समर्थकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और आरक्षण के बाद की रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं।
अब सबकी निगाहें उस पर्ची पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि मेवदाकला में अगले चुनाव में सरपंच की कुर्सी के लिए किस वर्ग का रास्ता खुलेगा। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही वर्षों से चुनावी तैयारी में जुटे कई चेहरों की उम्मीदें मजबूत होंगी तो कई दावेदारों को अपनी रणनीति नए सिरे से तैयार करनी पड़ेगी।

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