
केकड़ी 12 अगस्त -बीसलपुर बांध के लिए मानसून के बीच राहत भरी तस्वीर बनती नजर आ रही है। बांध के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश के बाद बनास नदी के प्रमुख त्रिवेणी संगम पर पानी का प्रवाह तेज हो गया है। बुधवार सुबह त्रिवेणी का जलस्तर 5.10 मीटर दर्ज किया गया। त्रिवेणी में बढ़ता पानी बीसलपुर बांध में आगामी दिनों में तेज आवक की उम्मीद जगा रहा है।भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के कैचमेंट में हुई बारिश का पानी नदी-नालों के रास्ते बनास नदी तक पहुंच रहा है। इससे बनास का बहाव बढ़ा है। यदि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा तो इसका असर आने वाले दिनों में बीसलपुर बांध की आवक पर दिखाई दे सकता है।बुधवार सुबह 6 बजे बीसलपुर बांध का गेज 313.57 आरएल मीटर दर्ज किया गया। बांध में 25.320 टीएमसी पानी उपलब्ध है। पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। पिछले 24 घंटे में बांध क्षेत्र में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि मानसून सीजन में अब तक 465 मिमी बारिश हो चुकी है।खास बात यह है कि 3 जुलाई और 12 अगस्त को बांध का गेज बिल्कुल समान 313.57 मीटर रहा। 3 जुलाई को भी बांध में 25.320 टीएमसी पानी था। मगर तब सीजन की बारिश महज 235 मिमी थी। अब यह आंकड़ा 465 मिमी पहुंच चुका है। यानी 40 दिन में बारिश का आंकड़ा 230 मिमी बढ़ गया, जबकि बांध का गेज उसी स्तर पर है। ऐसे में अब असली उम्मीद ऊपरी कैचमेंट से आने वाले पानी पर टिकी है।भीलवाड़ा जिले के बिगोद क्षेत्र का त्रिवेणी संगम बीसलपुर की आवक के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यहां बनास, बेड़च और मेनाली नदियों का संगम होता है। ऊपरी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने पर इन नदियों का पानी बनास के प्रवाह को बढ़ाता है और यही जलधारा आगे बीसलपुर की ओर बढ़ती है।बनास का जलग्रहण क्षेत्र काफी विस्तृत है। भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, अजमेर और टोंक सहित कई क्षेत्रों में होने वाली बारिश का असर इसके प्रवाह पर पड़ता है। बनास की सहायक नदियों में बेड़च, मेनाली, कोठारी, खारी और दाई प्रमुख हैं।बीसलपुर में पानी की आवक का बड़ा आधार उसके विस्तृत जलग्रहण क्षेत्र की बारिश है। खासकर मंडलगढ़, बिगोद और आसपास के भीलवाड़ा क्षेत्र तथा चित्तौड़गढ़ की ओर होने वाली बारिश का पानी जब नदी तंत्र में उतरता है तो उसका असर त्रिवेणी और फिर बनास के प्रवाह में दिखाई देता है।इसलिए फिलहाल बीसलपुर के लिए गेज से ज्यादा ऊपरी कैचमेंट की बारिश और त्रिवेणी के बहाव पर नजर है। यदि बारिश का सिलसिला बना रहा तो बनास का प्रवाह और बढ़ सकता है और आगामी दिनों में बांध में पानी की आवक तेज होने की संभावना मजबूत हो सकती है।बीसलपुर बांध राजस्थान के प्रमुख पेयजल स्रोतों में शामिल है। इससे जयपुर, अजमेर, टोंक सहित बड़े आबादी क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में बांध के कैचमेंट में अच्छी बारिश और त्रिवेणी-बनास में बढ़ता जलप्रवाह आने वाले महीनों के लिए पेयजल सुरक्षा की दृष्टि से भी राहत का संकेत है।अब नजर त्रिवेणी पर: 5.10 मीटर तक पहुंचे त्रिवेणी के जलस्तर के बाद निगाहें ऊपरी कैचमेंट में बारिश के अगले दौर पर टिक गई हैं। बारिश जारी रही तो बनास का बहाव और बढ़ सकता है और बीसलपुर में पानी की आवक का इंतजार खत्म होने की उम्मीद बढ़ सकती है।
