
केकड़ी, 12 अगस्त। बघेरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आने के बाद बुधवार को विद्यार्थियों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी तथा ग्रामीणों के साथ सड़क पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को मौके पर बुलाने की मांग की। करीब पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

जानकारी के अनुसार विद्यालय में कार्यरत गणित विषय के व्याख्याता पर छात्राओं के साथ काफी समय से कथित रूप से अश्लील तरीके से छूने और परेशान करने के आरोप लगाए गए। छात्राओं ने यह बात अन्य विद्यार्थियों को बताई, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय के बाहर एकत्रित हो गए और मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। जानकारी मिलने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया।

सूचना पर केकड़ी शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विद्यार्थियों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित छात्र-छात्राएं उपखंड अधिकारी को मौके पर बुलाने तथा आरोपित व्याख्याता के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद केकड़ी तहसीलदार सत्यनारायण तथा शिक्षा विभाग के एसीबीओ बहादूर सिंह शक्तावत भी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की।
बाद में उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और छात्राओं तथा विद्यालय स्टाफ से बातचीत की। छात्राओं ने उपखंड अधिकारी को अपनी शिकायत बताते हुए आरोप लगाया कि जब उन्होंने मामले की शिकायत प्रिंसिपल से की तो कथित तौर पर उन्हें विद्यालय से निष्कासित करने और परीक्षा में अनुत्तीर्ण करने की धमकी दी गई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया। वहीं, तीन-चार महिला अध्यापिकाओं ने भी प्रिंसिपल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी ने पीड़ित छात्राओं और अध्यापिकाओं के लिखित बयान लिए। इसके बाद प्रिंसिपल तथा आरोपित व्याख्याता को तत्काल प्रभाव से एपीओ करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी गई।
मौके पर उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार, तहसीलदार सत्यनारायण, पुलिस उपअधीक्षक हर्षित शर्मा, शिक्षा विभाग के एसीबीओ केकड़ी बहादूर सिंह शक्तावत, केकड़ी सिटी थाने के सीआई जगदीश चौधरी सहित पुलिस जाप्ता मौजूद रहा। प्रशासन द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हुआ।
