केकड़ी। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय, केकड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में जन-जागरूकता एवं सामाजिक सरोकार से जुड़ा प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्ति अभियान और अंगदान जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में एनएसएस प्रभारी डॉ. आनंद पाराशर ने नशे के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को बर्बाद करने के साथ-साथ परिवार और समाज के ताने-बाने को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इसी क्रम में सहायक आचार्य माया पारीक ने ‘अंगदान-महादान’ विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अंगदान के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि मृत्यु के बाद अंगदान के माध्यम से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दिया जा सकता है। उन्होंने समाज में अंगदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. के. एल. मीणा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों से जोड़ना भी महाविद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन युवाओं में सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय प्रशासन की ओर से एनएसएस स्वयंसेवकों, छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों को नशामुक्ति एवं अंगदान की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने जीवनभर नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने तथा अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।