दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद, डेढ़ लाख भक्तों के लिए तैयार प्रसादी, 400 लोगों की टीम जुटी

केकड़ी- मीणों का नयागांव में बालू रेत के टीले पर स्थित प्रसिद्ध भगवान देवनारायण मंदिर पर भादवीं छठ के अवसर पर गुरुवार को वार्षिक लक्खी मेले का आयोजन होगा। मेले में केकड़ी सहित अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, शाहपुरा, जयपुर, बूंदी, कोटा, सवाईमाधोपुर, अलवर और दौसा सहित विभिन्न जिलों से दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मेले को लेकर मंदिर परिसर में आकर्षक सजावट की गई है तथा झूले, चकरियां, खिलौने सहित करीब 500 से अधिक दुकानें सज चुकी हैं। भगवान देवनारायण की स्थापना यहां ग्रामीणों ने करीब सौ वर्ष पहले की थी। समय के साथ भगवान के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती गई और अब प्रत्येक शनिवार को भी यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ग्रामीणों एवं विकास समिति के सहयोग से मंदिर परिसर में धर्मशाला, पार्क, पेयजल, गौशाला और बिजली सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित की गई हैं।

डेढ़ लाख भक्तों के लिए तैयार हो रही प्रसादी-मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। पिछले दो दिनों से 20 भट्टियों पर 200 हलवाई सहित करीब 400 लोगों की टीम प्रसादी तैयार करने में जुटी हुई है। प्रसादी तैयार करने में करीब 150 कट्टा आटा, 25 बोरी शक्कर, 200 पीपा तेल, 150 पीपा देसी घी, 16 क्विंटल दाल और 20 क्विंटल बेसन का उपयोग किया जा रहा है। मेले के दिन सुबह भगवान देवनारायण को भोग लगाने के बाद दिनभर श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी कराई जाएगी।
शक्कर लुटाने की परंपरा बंद, शुरू हुआ भंडारा-पहले भगवान देवनारायण के समक्ष शक्कर लुटाने की परंपरा थी। शक्कर लेने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे। वितरण के दौरान बढ़ती अव्यवस्था के चलते इस परंपरा को बंद कर दिया गया और इसके स्थान पर प्रतिवर्ष भंडारे का आयोजन शुरू किया गया।

हर शनिवार उमड़ती है हजारों की भीड़-भगवान देवनारायण के दर्शन के लिए प्रत्येक शनिवार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। आसपास के गांवों के अलावा विभिन्न जिलों से करीब 50 हजार श्रद्धालु प्रत्येक शनिवार दर्शन के लिए पहुंचने की बात बताई गई है। भादवा माह में यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर भी मंदिर पहुंचते हैं।
दूध नहीं देने और पाती मांगने की परंपरा-मीणों का नयागांव की एक विशेष परंपरा भी चर्चा में रहती है। ग्रामीणों के अनुसार यहां के लोग वर्षों से गांव से बाहर किसी अन्य व्यक्ति को दूध नहीं देते हैं। इसके अलावा भगवान देवनारायण के समक्ष किसी कार्य के लिए पहले पाती मांगी जाती है और अनुमति मिलने के बाद ही कार्य किया जाता है।
आज भी कच्चे चबूतरे पर विराजमान हैं भगवान-ग्राम पंचायत प्रशासक रामप्रसाद मीणा ने बताया कि ग्रामीणों ने भगवान देवनारायण के लिए पक्का मंदिर बनाने का प्रयास किया था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण आज भी भगवान की प्रतिमा कच्चे चबूतरे पर ही स्थापित है। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र यह स्थान प्रतिवर्ष भादवी छठ पर बड़े मेले का साक्षी बनता है।
मंदिर से एक किलोमीटर पहले होगी पार्किंग- लक्खी मेले को लेकर पुलिस एवं प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एडिशनल एसपी राजेश कुमार मील, डीएसपी मनोज कुमार गुप्ता एवं सदर थानाधिकारी मुकेश गौरा ने मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए मंदिर पहुंचने वाले तीनों प्रमुख रास्तों पर मंदिर से करीब एक किलोमीटर पहले बैरिकेटिंग कर वाहनों को रोका जाएगा और वहीं पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। उंदरी मार्ग पर उंदरी गांव, अजमेर-कोटा हाईवे मार्ग तथा गुलगांव मार्ग पर बैरिकेटिंग की जाएगी। मेले में केकड़ी सिटी, केकड़ी सदर, सावर, सराना, सरवाड़ थानों सहित अजमेर पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा। यातायात व्यवस्था के लिए यातायात पुलिस के जवान भी तैनात किए जाएंगे।
मेले की तैयारियां पिछले एक माह से चल रही थीं। प्रशासन के सहयोग से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार मंदिर स्थल पर विशेष आकर्षक सजावट की गई है और करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
-रामप्रसाद मीणा, प्रशासक, ग्राम पंचायत मीणों का नयागांव
मेले को लेकर प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस लाइन के अतिरिक्त जाब्ते सहित सर्किल क्षेत्र का पुलिस बल तैनात रहेगा। यातायात व्यवस्था के लिए भी पुलिसकर्मी लगाए गए हैं तथा मंदिर आने वाले तीनों रास्तों पर एक किलोमीटर पहले बैरिकेटिंग की गई है।
-मुकेश गौरा,सदर थानाधिकारी केकड़ी