तीन साल से गणित व संस्कृत के शिक्षक नहीं, अन्य शिक्षकों के तबादलों से गहराया संकट; प्रशासन के आश्वासन पर खुला जाम

सांपला। राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय में वर्षों से शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरने से नाराज छात्राओं और अभिभावकों का सब्र सोमवार को टूट गया। लगातार मांग और शिकायतों के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद छात्राओं ने जयपुर-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टेंट लगाकर तीन घंटे तक जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और रोडवेज बसों सहित सैकड़ों वाहन फंस गए। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मंगलवार तक शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राओं ने जाम समाप्त किया।

जानकारी के अनुसार स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय में पिछले तीन वर्षों से गणित और संस्कृत विषय के स्थायी शिक्षक नहीं हैं। हाल ही में तबादलों के दौरान विज्ञान सहित अन्य विषयों के शिक्षक भी विद्यालय से चले गए, जिससे विद्यालय में शिक्षकों का भारी अभाव हो गया। विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं और उनके अभिभावकों ने कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर रिक्त पद भरने की मांग की, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे नाराज छात्राओं ने सोमवार सुबह विद्यालय पहुंचकर मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और “शिक्षक लगाओ, बालिका शिक्षा बचाओ” के नारे लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
करीब दो घंटे तक विद्यालय परिसर में प्रदर्शन करने के बाद भी जब शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो छात्राओं का आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं के साथ महात्मा गांधी अंग्रेजी उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी भी आंदोलन में शामिल हो गए। सभी ने विद्यालय से निकलकर जयपुर-भीलवाड़ा राजमार्ग पर टेंट लगाकर जाम लगा दिया। छात्राएं सड़क पर बैठ गईं और शिक्षकों की नियुक्ति होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा कर दी।
तीन घंटे तक थमा यातायात, प्रशासन ने संभाला मोर्चा-राजमार्ग जाम होने की सूचना मिलते ही सरवाड़ उपखंड अधिकारी सुनील शर्मा, कार्यवाहक तहसीलदार रमेशचंद सोनी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेशचंद मीणा तथा केकड़ी सदर थाना पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं और अभिभावकों से कई दौर की वार्ता की तथा जाम खोलने की अपील की, लेकिन छात्राएं शिक्षकों की नियुक्ति के लिखित आश्वासन पर अड़ी रहीं।काफी देर चली वार्ता के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेशचंद मीणा ने सरवाड़ ब्लॉक से गणित, विज्ञान, संस्कृत एवं सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की मंगलवार तक व्यवस्था करने तथा महात्मा गांधी अंग्रेजी उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी दो शिक्षकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने तीन घंटे से लगे जाम को समाप्त कर दिया और यातायात सुचारु हो सका।
भवन संकट से भी जूझ रहा अंग्रेजी विद्यालय
आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी अंग्रेजी उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। विद्यालय के 11 कक्षों में से 8 कक्ष जर्जर हो चुके हैं और उन्हें ध्वस्त करने के आदेश जारी हो चुके हैं। ऐसे में लगभग 215 विद्यार्थियों के बैठने और पढ़ाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। विद्यालय विकास समिति और अभिभावकों ने अंबेडकर छात्रावास में अस्थायी रूप से कक्ष संचालित करने की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस पर उपखंड अधिकारी ने शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतार-जयपुर-भीलवाड़ा राजमार्ग पर तीन घंटे तक जाम रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राजस्थान रोडवेज की बसें, निजी बसें, ट्रक, कारें और दोपहिया वाहन जाम में फंस गए। कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अधिकांश यात्रियों ने छात्राओं की मांग को उचित बताते हुए आंदोलन का समर्थन किया और किसी प्रकार का विरोध नहीं जताया।
प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की मांग-विद्यालय विकास समिति और ग्रामीणों ने विद्यालय की बिगड़ी शिक्षण व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय की व्यवस्थाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं, जबकि पहले भी उन्हें 16 सीसी का नोटिस मिल चुका है। इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय के शिक्षकों के वेतन से जुड़े 5 प्रतिशत एग्रीमेंट की प्रक्रिया लंबित होने से शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस पर उपखंड अधिकारी ने प्रधानाचार्य को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अभिभावक भी आंदोलन में रहे शामिल-आंदोलन में बड़ी संख्या में अभिभावक भी छात्राओं के साथ डटे रहे। इनमें सुरेश वैष्णव, प्रेमशंकर शर्मा, सांवरलाल तेली, मदन सिंह राठौड़, भंवरलाल तेली, कैलाश शर्मा, रामदयाल चौधरी, शांतिलाल मेघवंशी, सुरतराम मेघवंशी, कालूराम माली, मुकेश माली, बजरंग मेघवंशी, महेश वैष्णव, संदीप छीपा, रमेश जलोदा, दिनेश बलाई, महावीर रेगर, रामदेव रेडर, सुरेश रेडर, महेंद्र रेडर, कन्हैयालाल त्रिपाठी, दिनेश छीपा, उस्मान पिनारा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
क्या बोले अधिकारी-“शिक्षकों की कमी के कारण छात्राओं ने राजमार्ग जाम किया था। मौके पर पहुंचकर समझाइश की गई और शीघ्र शिक्षकों की व्यवस्था का आश्वासन देने के बाद जाम खुलवाया गया।”-सुनील शर्मा, उपखंड अधिकारी, सरवाड़
“छात्राओं ने शिक्षकों की कमी और शिक्षण व्यवस्था को लेकर आंदोलन किया। प्रशासन ने वार्ता कर स्थिति को सामान्य कराया।”-रमेशचंद सोनी, कार्यवाहक तहसीलदार, सरवाड़
“गणित, विज्ञान, संस्कृत एवं सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था की जा रही है। साथ ही महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय में भी दो शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।”-रमेशचंद मीणा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सरवाड़