तीन चुनाव, तीन बार अव्वल: केकड़ी का वार्ड 18 बना मतदान जागरूकता की मिसाल

बीएलओ दिनेश वैष्णव

BLO दिनेश कुमार वैष्णव की सतत मेहनत और मतदाताओं की जागरूकता का परिणाम, विधानसभा से नगरपालिका चुनाव तक लगातार सर्वाधिक मतदान

केकड़ी। लोकतंत्र के महापर्व में मतदाता जागरूकता और बूथ लेवल अधिकारी के सतत प्रयासों की ऐसी मिसाल सामने आई है, जो अन्य बूथों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। नगरपालिका केकड़ी का वार्ड संख्या 18 लगातार तीन चुनावों में मतदान के मामले में अव्वल रहा है। विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 और अब नगरपालिका चुनाव 2026—तीनों में इस क्षेत्र ने सर्वाधिक मतदान का गौरव हासिल किया।इसके पीछे बूथ लेवल अधिकारी दिनेश कुमार वैष्णव की वर्षों से चली आ रही मेहनत, मतदाता सूची को व्यवस्थित रखने की पहल और मतदाताओं से लगातार संवाद को अहम माना जा रहा है।

विधानसभा से नगरपालिका तक कायम रहा रिकॉर्ड–विधानसभा चुनाव 2023 में भाग संख्या 145 के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, चारभुजा मंदिर के कमरा नंबर 8 में कुल 1146 मतदाताओं में से 953 ने मतदान किया था। यहां 83.15 प्रतिशत मतदान हुआ, जो केकड़ी शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक रहा। खास बात यह रही कि क्षेत्र के सभी 22 दिव्यांग मतदाताओं को प्रेरित कर मतदान कराया गया।
लोकसभा चुनाव 2024 में भी यही क्षेत्र अपनी श्रेष्ठता कायम रखने में सफल रहा। कुल 1152 मतदाताओं में से 818 ने मतदान किया और 71.01 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
नगरपालिका चुनाव 2026 में वार्ड 18 ने तीसरी बार अपनी जागरूकता साबित कर दी। मतदान केन्द्र संख्या 20, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय चारभुजा मंदिर के कमरा नंबर 6 में कुल 901 मतदाताओं में से 860 ने मतदान किया। यहां 95.44 प्रतिशत मतदान हुआ, जो नगरपालिका के सभी 40 वार्डों में सर्वाधिक रहा। क्षेत्र के सभी 10 दिव्यांग मतदाताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

अक्टूबर 2021 से शुरू हुई घर-घर की मुहिम–इस उपलब्धि की कहानी केवल मतदान दिवस की तैयारियों तक सीमित नहीं है। दिनेश कुमार वैष्णव ने अक्टूबर 2021 में BLO की जिम्मेदारी संभालने के बाद मतदाता सूची की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया।उन्होंने प्रत्येक परिवार में 18 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों की जानकारी जुटाई। विद्यालय समय के बाद अतिरिक्त समय निकालकर स्वयं माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में जानकारी तैयार की और मतदाता सूची को व्यवस्थित करने का प्रयास किया।पूर्व में इस क्षेत्र की मतदाता सूची में केवल सात अनुभाग थे और मतदाताओं की संख्या भी असंतुलित थी। इसे देखते हुए वैष्णव ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, केकड़ी को नवीन अनुभाग सृजित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद 9 सितंबर 2024 को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी केकड़ी के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी अजमेर को पत्र भेजा गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने 20 सितंबर 2024 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जयपुर को भाग संख्या 145 में नवीन अनुभाग सृजित करने के लिए विशेष निवेदन किया।
इस प्रकार बूथ स्तर पर शुरू हुई एक पहल निर्वाचन व्यवस्था में आवश्यक बदलाव का माध्यम बनी।

मृतकों और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए, नए मतदाता जोड़े–वैष्णव ने मतदाता सूची को वास्तविक मतदाताओं के अनुरूप रखने पर विशेष ध्यान दिया। किसी मतदाता की मृत्यु अथवा अन्यत्र स्थानांतरण की जानकारी मिलने पर नाम हटाने की कार्रवाई कराई गई, वहीं 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं के नाम लगातार सूची में जुड़वाए गए।उनका प्रयास रहा कि मतदाता सूची अधिक से अधिक शुद्ध और अद्यतन रहे।

WhatsApp ग्रुप से लगातार मतदाता संपर्क–मतदाताओं से संवाद बनाए रखने और चुनाव संबंधी आवश्यक जानकारी पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया। इसके माध्यम से मतदान के प्रति जागरूकता के साथ चुनाव संबंधी जरूरी सूचनाएं भी साझा की जाती रहीं।

उत्कृष्ट कार्य के लिए मिल चुका सम्मान–मतदाता सूची को अद्यतन रखने और मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए तेरहवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी, केकड़ी द्वारा BLO दिनेश कुमार वैष्णव को सम्मानित किया जा चुका है।
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) में उत्कृष्ट कार्य के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपीलाल कीर ने भी उन्हें सम्मानित किया था। वैष्णव राज्य स्तर पर पुरस्कृत शिक्षक हैं और शिक्षा के साथ निर्वाचन संबंधी दायित्वों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।

मतदाता सेवाओं में भी सक्रिय–एचटूएच सर्वे के दौरान भी वैष्णव ने सक्रियता दिखाई। मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने के लिए 1152 में से 1140 मतदाताओं के प्रपत्र-6बी आवेदन भरवाए गए।

एक बूथ की कहानी, पूरे शहर के लिए संदेश–अक्टूबर 2021 में घर-घर जाकर शुरू किया गया प्रयास आज तीन लगातार चुनावों में सर्वाधिक मतदान की उपलब्धि में बदल चुका है। वार्ड 18 की यह कहानी केवल मतदान प्रतिशत का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि शुद्ध मतदाता सूची, सतत जागरूकता, BLO की जिम्मेदारी और मतदाताओं के विश्वास के सामूहिक परिणाम की कहानी है।लगातार तीन चुनावों में मतदान में अव्वल रहकर वार्ड 18 ने यह संदेश दिया है कि जब निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े लोग अपनी जिम्मेदारी को केवल औपचारिकता न मानकर अभियान की तरह निभाते हैं और मतदाता भी जागरूक होकर लोकतंत्र में भागीदारी करते हैं, तो मतदान का प्रतिशत भी रिकॉर्ड बन सकता है।वार्ड 18 अब केवल सर्वाधिक मतदान वाला क्षेत्र नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार मतदाता समुदाय की प्रेरक मिसाल बन गया है।

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