राजस्थान के 3,500 से अधिक विद्यालयों के 5 लाख विद्यार्थी होंगे शामिल, 265 शाखाएं करेंगी आयोजन
जयपुर, 23 अगस्त। भारत विकास परिषद की ओर से संस्कार अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली ‘भारत को जानो’ अखिल भारतीय लिखित परीक्षा 31 अगस्त को देशभर में एक साथ आयोजित की जाएगी। राजस्थान में इस वर्ष 3,500 से अधिक सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए प्रदेशभर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
क्षेत्रीय अध्यक्ष राधेश्याम रंगा ने बताया कि भारत विकास परिषद वर्ष 1963 से सेवा, संस्कार, समर्पण और राष्ट्रीय चेतना के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से ‘स्वस्थ, समर्थ एवं संस्कारित भारत’ के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। देशभर में परिषद की 1,800 से अधिक शाखाएं और एक लाख से अधिक सदस्य सक्रिय हैं। राजस्थान में परिषद की 265 शाखाओं के कार्यकर्ता विद्यालयों में पहुंचकर प्रतियोगिता का संचालन करेंगे।
उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय एवं राजस्थान सरकार की अनुशंसा पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर की ओर से सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में प्रतियोगिता के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके चलते शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है।
क्षेत्रीय महासचिव सीए संदीप बाल्दी ने बताया कि परिषद वर्ष 2001 से राष्ट्रीय स्तर पर ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीय मूल्यों और गौरवशाली इतिहास के प्रति आत्मगौरव एवं राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना है। देशभर में प्रतिवर्ष 18 लाख से अधिक विद्यार्थी प्रतियोगिता में भाग लेते हैं और 3 लाख से अधिक ‘भारत को जानो’ पुस्तकें विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाती हैं। इस वर्ष राजस्थान में 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगिता से जोड़ने का लक्ष्य है। सभी परीक्षा केंद्रों पर कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग के प्रश्नपत्र भेजे जा चुके हैं।
अखिल भारतीय संस्कार गतिविधि संयोजक एवं जोबनेर विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति डॉ. त्रिभुवन शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन संस्कृति, धर्म, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, संतों और महापुरुषों के जीवन से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में देश के प्रति प्रेम, गौरव और समर्पण की भावना विकसित करना प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अतीत की नींव पर ही भविष्य की श्रेष्ठताओं का निर्माण होता है।
अखिल भारतीय संस्कार गतिविधि सह-संयोजक मुकेश लाठी ने बताया कि प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग (कक्षा 6 से 8) और वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 9 से 12) में आयोजित होगी। प्रतियोगिता शाखा स्तर से शुरू होकर प्रांत, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी। राष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक एवं कंप्यूटर तकनीक आधारित प्रश्नमंच के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिता होगी।
प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए अखिल भारतीय संस्कार गतिविधि सदस्य रवि विजय, क्षेत्रीय संस्कार संयोजक आर.एस. सक्सेना, रितेश अरोड़ा एवं हिमांशु चतुर्वेदी तथा प्रांतीय संस्कार संयोजक दिव्या माथुर, रामकिशोर राठौड़, अरुण बाहेती, राजेन्द्र पारिक, संजय खंडेलवाल, महावीर शर्मा एवं संजय गुप्ता के नेतृत्व में प्रदेशभर के शाखा संस्कार संयोजक सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटे हैं।
परिषद पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
