
केकड़ी। कृषि विभाग एवं आत्मा योजना के तत्वावधान में रविवार को पंचायत समिति केकड़ी स्थित सहायक कृषि अधिकारी क्षेत्र में ब्लॉक स्तरीय रबी पूर्व कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में किसानों को रबी फसलों की उन्नत किस्मों, बीजोपचार, प्राकृतिक खेती, पौध संरक्षण और कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम प्रभारी मयंक सिखवाल, सहायक कृषि अधिकारी केकड़ी ने आत्मा योजना के तहत कृषक पुरस्कार, कृषक भ्रमण एवं जैविक खेती से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और आय में वृद्धि कर सकते हैं।
गोष्ठी में अतिथि व्याख्याताओं ने चारा प्रबंधन, प्रमाणित बीजों के उपयोग, जिप्सम के प्रयोग, प्राकृतिक खेती, जैविक कीट नियंत्रण, बीजोपचार एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को समय पर बुवाई करने तथा फसलों में कीट एवं रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी।
कृषि विशेषज्ञों ने रबी सीजन की प्रमुख फसलों की उन्नत किस्मों की जानकारी देते हुए बताया कि किसान अपने क्षेत्र की जलवायु और सिंचाई संसाधनों के अनुरूप किस्मों का चयन करें। सरसों की आरएच 725, आरएच 1975 एवं आरएच 1424, चने की जीएनजी 2261, जीएनजी 2271 एवं जीएनजी 2141, गेहूं की राज 4079, राज 4238 एवं राज 4037 तथा जीरे की जीसी 4 एवं आरजेड 19 किस्मों के बारे में जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने और संतुलित खाद-उर्वरक प्रबंधन पर जोर दिया। गोष्ठी में कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने और टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया।
गोष्ठी में अतिथि व्याख्याता मदन लाल रेडिया, परमेश्वर लाल शर्मा, रतनलाल पुरोहित एवं बद्रीलाल जाट सहित कृषि पर्यवेक्षक शंकर लाल बैरवा, दिनेश धाकड़, मीनू जीनगर, राजेश गुर्जर एवं राजेश मीणा उपस्थित रहे।