सावन के अंतिम सोमवार को सहस्त्रधारा, नमक-चमक पाठ व महाआरती का आयोजन, बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
केकड़ी
मेवदाकला गांव स्थित अति प्राचीन काला भाटा महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान, सहस्त्रधारा, नमक-चमक पाठ और महाआरती का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

योगीराज हीरानाथ जी महाराज के सानिध्य तथा पं. नंदकिशोर शर्मा मेवदाकला के आचार्यत्व में 11 पंडितों ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सहस्त्रधारा एवं नमक-चमक पाठ का विशेष अनुष्ठान कराया। अनुष्ठान के दौरान भगवान महादेव का विधिवत अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रों की गूंज और शिवभक्तों के जयकारों से मंदिर परिसर शिवमय हो गया।
सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ के दर्शन किए और जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं क्षेत्र में शांति की कामना की। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
अनुष्ठान के बाद भगवान महादेव की विधिवत महाआरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा।

मंदिर प्रवक्ता चंदू पंडित ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर मंदिर परिसर में महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान एवं महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसादी ग्रहण की।