28 अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई, खंभे-जाली व कांटेदार बाड़ हटाई; एसडीओ बोले—अभियान रहेगा जारी

केकड़ी, 30 जुलाई। केकड़ी उपखंड के कादेड़ा कस्बे में गुरुवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 बीघा सरकारी चारागाह भूमि को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराया। अभियान के दौरान चार जेसीबी मशीनों की मदद से खंभे, पोल, जाली और कांटेदार बाड़ हटाकर भूमि को कब्जामुक्त किया गया।

अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रभारी एवं गिरदावर धनराज राठी ने बताया कि उपखंड अधिकारी सुरेश चंद्र मेघवंशी के निर्देश पर चारागाह भूमि का सर्वे कर अतिक्रमण चिह्नित किया गया था। इसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए और सार्वजनिक सूचना के माध्यम से भी कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समय के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की गई।प्रशासन के अनुसार करीब 28 अतिक्रमणकारियों ने वर्षों से चारागाह भूमि पर खंभे, पोल, जाली और कांटेदार बाड़ लगाकर अवैध कब्जा कर रखा था। कार्रवाई के दौरान सभी अवैध निर्माण हटाकर संबंधित लोगों को भविष्य में दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई।
अभियान के दौरान कादेड़ा पटवारी जितेंद्र मीणा, विकास अधिकारी सतपाल चौधरी, खवास गिरदावर हुकम सिंह राठौड़, खवास पटवारी धनराज गुर्जर सहित राजस्व एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
एक हजार बीघा भूमि पर अब भी अतिक्रमण का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि शाहपुरा रोड स्थित अलाम्बू धानेश्वर तीर्थ स्थल से देवपुरा तक करीब एक हजार बीघा आरक्षित चारागाह भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण बना हुआ है। उनका आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते गोवंश के चरने के लिए पर्याप्त भूमि नहीं बची है। ग्रामीणों ने शेष अतिक्रमण भी हटाकर पूरी चारागाह भूमि को मुक्त कराने की मांग की है।

क्या बोले अधिकारी-धनराज राठी, गिरदावर एवं अभियान प्रभारी ने कहा, “पूर्व में अतिक्रमण चिह्नित कर संबंधित लोगों को नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर करीब 200 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है।
सुरेश चंद्र मेघवंशी, उपखंड अधिकारी, केकड़ी ने कहा, “अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”