छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू, ग्रामीणों ने डीजल पंप व जेसीबी की मदद से आग को फैलने से रोक

केकड़ी -ग्राम चौसला कॉलोनी मेवदाकला के पास सोमवार को बाड़ों में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में आने से किसानों की पक्की फसल, तिल झड़ने के लिए तैयार फसल, ज्वार की चाचड़ियां, चारा, लकड़ियां व गोबर के कंडे सहित बड़ी मात्रा में कृषि सामग्री जलकर राख हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 22 बीघा क्षेत्र की फसल एवं कृषि सामग्री आग की चपेट में आई है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।आग की लपटें और धुआं उठता देखकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों व ग्रामीणों को घटना का पता चला। ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। सूचना मिलने पर केकड़ी सिटी थाना पुलिस और केकड़ी नगर पालिका की दमकल भी मौके पर पहुंची। दमकल व ग्रामीणों की संयुक्त मशक्कत के बावजूद आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब छह घंटे लग गए।ग्रामीणों ने फार्म पौंड से डीजल पंपसेट चलाकर पाइपों के जरिए पानी की बौछार कर आग बुझाने का प्रयास किया। वहीं जेसीबी की मदद से आग को आगे बढ़ने से रोका गया। ग्रामीणों की तत्परता के चलते आसपास के कई अन्य बाड़े आग की चपेट में आने से बच गए।आग में रामलाल पुत्र नानाराम बैरवा का करीब सत्रह ट्रॉली चारा, 15 क्विंटल ज्वार की चाचड़ियां और दो ट्रॉली तिल जलकर राख हो गए। पांचू पुत्र भागीरथ बैरवा का चार ट्रॉली चारा, रोडू पुत्र भोलू बैरवा का चारा, छोटू भील पुत्र गोरूभील का पांच ट्रॉली चारा, गोपाल पुत्र रामलाल बैरवा का चार ट्रॉली चारा, राधेश्याम पुत्र रामलाल बैरवा का दो ट्रॉली चारा, जगदीश पुत्र सुखदेव बैरवा का चार ट्रॉली चारा, मांगीलाल पुत्र रामलाल बैरवा का दो ट्रॉली चारा तथा शिवजीराम पुत्र रामलाल बैरवा का चार ट्रॉली चारा जल गया।इसी प्रकार लवकुशका तिल झड़ने के लिए रखा करीब दो ट्रॉली तिल तथा सुरेश का बाड़े में रखा तिल झड़ने का सामान सहित लकड़ियां व गोबर के कंडे भी आग में जलकर राख हो गए।घटना की सूचना पर गिरदावर महावीर प्रसाद विजयवर्गीय, कृषि विभाग की कृषि पर्यवेक्षक सुनीता नागर तथा केकड़ी सिटी थाना पुलिस के घनश्याम, विवेक और पुखराज मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आग से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई तथा मौके पर ही नुकसान का तकमीना तैयार किया। पुलिस ने भी आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।आग जिस तेजी से फैल रही थी, उससे आसपास के बाड़ों और कृषि सामग्री के भी इसकी चपेट में आने का खतरा था। ग्रामीणों ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया। डीजल पंप, पानी की पाइप और जेसीबी की मदद से आग को आगे बढ़ने से रोकना पड़ा। इससे आसपास के कई बाड़े और कृषि सामग्री सुरक्षित बच गई।




