मेवदाकला 3 जुलाई सावन माह में 3 अगस्त से आश्लेषा नक्षत्र का आरंभ होने जा रहा है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित राधा शरण शर्मा (केकड़ी) के अनुसार इस वर्ष 3 अगस्त से 16 अगस्त तक गज वर्षा योग का प्रभाव रहेगा, जिसे पारंपरिक ज्योतिष में अच्छी एवं कहीं-कहीं भारी वर्षा का संकेत माना जाता है।पंडित शर्मा ने बताया कि आश्लेषा नक्षत्र के दौरान बनने वाला गज वर्षा योग कृषि और जलसंचय की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवधि में प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय होने तथा झमाझम बारिश होने की संभावना व्यक्त की जाती है। यदि यह योग प्रभावी रहा तो बांधों, तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ सकती है, वहीं खरीफ फसलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि समय पर अच्छी वर्षा होने से बाजरा, मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द, तिल एवं अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। किसानों की लंबे समय से अच्छी बारिश की उम्मीद भी इस दौरान पूरी हो सकती है।हालांकि, यह पूर्वानुमान पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। वास्तविक मौसम की स्थिति का निर्धारण भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिक पूर्वानुमानों के अनुसार ही माना जाता है।
